राष्ट्रीय ज्ञान आयोग
भारत सरकार
  


नया

राष्ट्र के नाम प्रतिवेदन 2006 - 2009

नई सिफारिशें
राष्ट्र के नाम प्रतिवेदन 2007
राष्ट्र के नाम रिपोर्ट 2006
  पोर्टल
इंडिया एनर्जी पोर्टल
इंडिया वॉटर पोर्टल
  भाषा
  English
  বাংলা
  മലയാളം
  অসমীয়া
  ಕನ್ನಡ
  ارد و
  தமிழ்
  नेपाली
  মণিপুরী
  ଓଡ଼ିଆ
  ગુજરાતી
फोकस एरिया | पोर्टल्स

पोर्टल्स

वेब पोर्टल वास्तव में एक वेबसाइट या ऐसी सेवा है, जहाँ से किसी भी विषय के बारे में सारी सूचना एक जगह सुलभ हो जाती है और इस्तेमाल करने वाले एक ही जगह केस स्टडीज़, ई-मेल ग्रुप्स, फोरम्स और सर्च इंजन जैसे विविध स्रोतों और सेवाओं की रचना कर सकते हैं और उन्हें एक-दूसरे के साथ बाँट सकते हैं। राष्ट्रीय ज्ञान आयोग यह मानता है कि विकेन्द्रीकरण, सूचना का अधिकार, जन-भागीदारी और पारदर्शिता की तरफ बढ़ते प्रयासों के इस दौर में सार्वजनिक पोर्टल जैसे साधन यह सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं कि अधिक-से-अधिक लोग अपने अधिकारों का उपयोग करें।

इस संदर्भ में राष्ट्रीय ज्ञान आयोग ने कुछ प्रमुख क्षेत्रों में सार्वजनिक पोर्टल खोलने के लिए निम्नलिखित प्रक्रिया अपनाई है:
  • चैम्पियन/अग्रणी संगठन की पहचान
  • चैम्पियन संगठन द्वारा पोर्टल की साज-सज्जा के बारे में अपने प्रस्ताव आयोग के सामने विचार के लिए रखना
  • हितधारकों और साझीदारों की पहचान और पोर्टल के प्रबंध के लिए ढाँचे की व्यवस्था
  • सामग्री का विकास
  • पोर्टल का शुभारंभ
भारत जल पोर्टल/इंडिया वॉटर पोर्टल का विकास एक सार्वजनिक धर्मार्थ ट्रस्ट, अर्घ्यम ट्रस्ट कर रहा है। जनवरी 2006 में शुरू किया गया यह काम दिसम्बर 2006 में पूरा होना है।

यह पोर्टल जल क्षेत्र के बारे में सूचना और ज्ञान के आदान-प्रदान के लिए खुला मंच बन जाएगा। इस पोर्टल के मूल उद्देश्य हैं:
  1. पानी के प्रबंध के बारे में आम जनता में जागरूकता बढ़ाना और उसके विभिन्न पहलुओं को उजागर करना।
  2. सफल तकनीकों और अनुभवों को गंभीरता से काम करने वालों के बीच बाँटना।
  3. विभिन्न हितधारकों के बीच सूचना के प्रवाह के लिए एक मंच प्रदान करना।
भारत ऊर्जा पोर्टल/इंडिया एनर्जी पोर्टल भी इसी तरह विकसित किया जा रहा है। ऊर्जा पोर्टल के मुख्य कार्यकलापों में शामिल हैं:

  1. स्रोतों की पहचान और ऊर्जा के बुनियादी पहलुओं के बारे में आवश्यक जानकारी प्रदान करना।
  2. ऑंकड़ों और सूचनाओं को व्यापक रूप में प्रदान करना।
  3. सूचना को कुशल और प्रभावकारी ढंग से निकालने की सुविधा देना।
  4. ज्ञान का भंडार बनाना और उसमें नई-नई सूचनाएँ शामिल करना।
  5. परस्पर संपर्क और विचार-विमर्श के लिए मंच प्रदान करना।
भारत पर्यावरण पोर्टल/ इंडिया एनवायरनमेंटल पोर्टल बनाने का प्रस्ताव विज्ञान और पर्यावरण केन्द्र से मिला है। राष्ट्रीय ज्ञान आयोग इस पर विचार कर रहा है।

भारत शिक्षा और नागरिक अधिकार पोर्टल के विकास पर काम शुरू हो चुका है। अग्रणी एजंसियों की पहचान की जा रही है।