राष्ट्रीय ज्ञान आयोग
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फोकस एरिया | नेटवक्र्स

1. ज्ञान नेटवक्र्स

देश में पर्याप्त संख्या में उत्तम प्रशिक्षित कर्मी तैयार करने की चुनौती को पूरा करने के लिए शिक्षा का विशाल बुनियादी ढाँचे और संसाधनों की ज़रूरत है। उपयुक्त अनुसंधान सुविधाओं वाली पर्याप्त उत्तम शिक्षा संस्थाओं की आवश्यकता में तो कोई ढील नहीं दी जा सकती, लेकिन इस चुनौती को पूरा करने का एक तरीका यह भी हो सकता है कि उत्कृष्टता के केन्द्रों में सीमित संख्या में मौजूद शिक्षण सामग्री, उपकरणों और सुविधाओं को देश भर में बड़ी संख्या में विश्वविद्यालयों और तकनीकी, कृषि तथा चिकित्सा संस्थानों के साथ बाँटा जाए। इसके अतिरिक्त दुनिया भर में विभिन्न संस्थाओं के बीच और देशों के बीच सहयोग से विभिन्न क्षेत्रों में बहुत बड़ी तादाद में अनुसंधान और विकास गतिविधियाँ चल रही हैं। अनुसंधान के दौरान बहुत अधिक गणना और बहुत अधिक ऑंकड़ों की समस्याओं के कारण ऐसा सहयोग आवश्यक हो गया है। इस विधि में विचार-विमर्श, ऑंकड़ों और संसाधनों को एक-दूसरे के साथ बाँटने की बहुत अधिक आवश्यकता है। अत: ऐसी सुविधाओं की व्यवस्था करना आवश्यक है, जिनमें भारतीय शोधकर्ता काफी उचित लागत पर इस तरह के सामूहिक प्रयास चला सकें। यूरोप में 1980 के दशक में अनुसंधान और विकास के बुनियादी ढाँचे और ऑंकड़ों को एक-दूसरे के साथ बाँटने का जो सिलसिला शुरू हुआ था, उसे दुनिया के कई देश अपना चुके हैं और अब वह भारत के लिए भी एक व्यावहारिक समाधान बन सकता है।

इस संदर्भ में राष्ट्रीय ज्ञान आयोग के एक प्रोजेक्ट में देश भर में सभी विश्वविद्यालयों, अनुसंधान और विकास संस्थाओं, विज्ञान और टैक्नॉलॉजी संस्थानों, स्वास्थ्य सेवा प्रतिष्ठानों, कृषि अनुसंधान और विस्तार सेवाओं और पुस्तकालयों को (कई हजार नोड्स के साथ) कम से कम 100 एमबीपीएस की स्पीड पर जोड़ने के लिए एक प्रभावकारी और लागत के अनुसार लाभकारी नेटवर्क डिजाइन करने की सँभावना का पता लगाया गया। राष्ट्रीय ज्ञान आयोग के लिए एक बाहरी विशेषज्ञ डॉक्टर डीपीएस सेठ ने एक श्वेत पत्र तैयार किया है, जिसमें सिध्दांतों और विधियों का उल्लेख है। यह रिपोर्ट संबध्द हितधारकों के बीच व्यापक रूप से बाँटी गई और इस बारे में राष्ट्रीय ज्ञान आयोग की सिफारिशें तय करते समय उनकी राय और सुझावों को शामिल किया गया। सिफारिशें प्रधानमंत्री को सौंपी जा चुकी हैं।

2. स्वास्थ्य सूचना नेटवक्र्स

भारत में स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने की व्यवस्था का स्तर सुधारने के लिए एक विश्वसनीय, फुर्तीली और निश्चित समय के भीतर काम करने वाली स्वास्थ्य ऑंकड़ा संग्रह प्रणाली की आवश्यकता है। इतना ही नहीं स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने वाली संस्थाओं की बढ़ती रफ्तार के कारण ऑंकड़े जुटाने और उनके प्रसार के बारे में बहुत सारे परस्पर विरोधी मानक तैयार होने की वजह से  स्वास्थ्य देखभाल सेवा की लागत बहुत बढ़ जाएगी। अत: इसे रोकने और आज दुनिया में पक्की हो चुकी स्वास्थ्य देखभाल व्यवस्थाओं के सामने मौजूद दूसरी समस्याओं का समाधान करने के लिए एक स्वास्थ्य नेटवर्क की तत्काल आवश्यकता है।

इस आवश्यकता को समझते हुए राष्ट्रीय ज्ञान आयोग ने स्वास्थ्य सूचना नेटवर्क के बारे में इस क्षेत्र के विशेषज्ञों का एक कार्यदल बनाया। यह कार्यदल विस्तृत विचार-विमर्श करने वाला है और राष्ट्रीय स्तर पर वेब आधारित, सुरक्षित, इलेक्ट्रॉनिक स्वास्थ्य सेवा प्रणाली चलाने के लिए आवश्यक आईटी और क्लीनिकल मानकों तथा नियामक ढाँचे जैसे मुद्दों पर विचार कर रहा है। कार्यदल की पहली बैठक 21 अगस्त 2006 को हुई थी।


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