राष्ट्रीय ज्ञान आयोग
भारत सरकार
  


नया

राष्ट्र के नाम प्रतिवेदन 2006 - 2009

नई सिफारिशें
राष्ट्र के नाम प्रतिवेदन 2007
राष्ट्र के नाम रिपोर्ट 2006
  पोर्टल
इंडिया एनर्जी पोर्टल
इंडिया वॉटर पोर्टल
  भाषा
  English
  বাংলা
  മലയാളം
  অসমীয়া
  ಕನ್ನಡ
  ارد و
  தமிழ்
  नेपाली
  মণিপুরী
  ଓଡ଼ିଆ
  ગુજરાતી
फोकस एरिया | कृषि

कृषि

खेती, भारत की 60 प्रतिशत से अधिक आबादी की आजीविका का मूल साधन है। सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में इसके हिस्से में लगातार गिरावट के बावजूद खेती देश में आज भी सबसे बड़ा आर्थिक क्षेत्र है। वृध्दि दरों का नीचा रहना और उनमें लगातार उतार-चढ़ाव के साथ हाल ही में देश के अनेक ग्रामीण इलाकों में खेती से जुड़ा संकट बढ़ना न सिर्फ देश की खाद्य सुरक्षा के लिए खतरनाक है, बल्कि समूचे राष्ट्र की आर्थिक सेहत के लिए भी अच्छा नहीं है।

राष्ट्रीय ज्ञान आयोग ने खेतीबाड़ी के काम के दायरे में हस्तक्षेप के अनेक निश्चित क्षेत्रों की पहचान की है। खेती में और खेती से होने वाली आमदनी और पैदावार में स्थाई तौर पर वृध्दि के लिए ज्ञान के उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राष्ट्रीय ज्ञान आयोग ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के साथ मिलकर इस क्षेत्र से जुड़े विविध हितधारकों और विशेषज्ञों के साथ अनेक बैठकों में विचार-विमर्श किया है। इन बैठकों में चार क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया। यह क्षेत्र हैं- फसल कटाई के बाद की बुनियादी सुविधाएँ, जैविक खेती, समन्वित कीट नियंत्रण कार्यक्रम और खेती में ऊर्जा का प्रबंध। इन बैठकों में हुई चर्चाओं के आधार पर अनेक सिफारिशें तैयार की गई हैं। राष्ट्रीय ज्ञान आयोग ने कृषि अनुसंधान और विस्तार व्यवस्थाओं पर काम शुरू कर दिया है ताकि उपयोगी सामाजिक और वैज्ञानिक ज्ञान की रचना और प्रसार के लिए आवश्यक तंत्र का दायरा फैलाया और बढ़ाया जा सके।