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परिचय | परामर्शदाता और स्टाफ

परामर्शदाता

डा. अशोक कोलास्कर (सलाहकार)

बायोइफॉर्मेटिक्स के क्षेत्र में विद्वान अशोक बॉयोटैक्नॉलॉजी यानि जैव प्रौद्योगिकी विभाग के बायोइफॉर्मेटिक्स और मानवीय कार्यदल के सदस्य हैं। पिछले 28 वर्ष के दौरान उन्होंने विभिन्न भारतीय और अमेरिकी विश्वविद्यालयों में काम किया है। उन्होंने अनेक मूल शोध पत्र प्रकाशित कराए हैं। इसके अलावा सॉफ्टवेयर टूल्स और वेब आधारित डाटाबेस तैयार किए हैं। पुणे विश्वविद्यालय के कुलपति के नाते उन्होंने विश्वविद्यालय के प्रशासन, वित्तीय प्रबंध और क्वालिटी बनाए रखने के मामले में व्यापक सुधार अपनाए और विश्वविद्यालय की पूँजि को बहुत बढ़ाने में मदद की। अनेक प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित अशोक विभिन्न विज्ञान अकादमियों और संस्थाओं के सक्रिय सदस्य भी हैं।


कल्पनादास गुप्ता (सलाहकार)

नेशनल लाइब्रेरी की पूर्व लाइब्रेरियन और केन्द्रीय सचिवालय लाइब्रेरी की निदेशक श्रीमती कल्पनादास गुप्ता राष्ट्रीय ज्ञान आयोग के पुस्तकालय कार्यदल के अध्यक्ष थीं और इस समय पुस्तकालयों के बारे में राष्ट्रीय ज्ञान आयोग की सलाहकार हैं। वे भारतीय पुस्तकालय संघ की अध्यक्ष और एशिया ओशेनिया के लिए इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ लाइब्रेरी एसोसिएशन की क्षेत्रीय स्थाई समिति में भारत की प्रतिनिधि रही हैं। उन्हें इस पेशे में 40 वर्ष से अधिक का अनुभव है और वे भारत सरकार की कई उच्च अधिकार समितियों की सदस्य रह चुकी हैं। इस समय वे खुदाबख्श पुस्तकालय, राजाराम मोहन राय पुस्तकालय फेडरेशन और राष्ट्रीय विज्ञान, संचार तथा सूचना संसाधन संस्थान के विशेषज्ञ दल की सदस्य हैं। उन्होंने देश-विदेश में अनेक अंतर्राष्ट्रीय गोष्ठियों और सम्मेलनों में भारत सरकार और दूसरी अनेक संस्थाओं का प्रतिनिधित्व किया है। वे पहली और एकमात्र महिला हैं, जिन्होंने राष्ट्रीय पुस्तकालय में लाइब्रेरियन, केन्द्रीय सचिवालय पुस्तकालय के निदेशक और भारतीय पुस्तकालय संघ के अध्यक्ष पद पर काम किया है।


रजिया सुल्तान इस्माइल (सलाहकार)

विकास गतिविधियों से जुड़ी सक्रिय कार्यकर्ता रजिया सुल्तान इस्माइल ने सूचना प्रबंध और संपर्क की योजना बनाने, नीतिगत हिमायत, विभिन्न संगठनों के बीच गठजोड़ स्थापित करने और प्रशिक्षण तथा क्षमता निर्माण के लिए अनौपचारिक दृष्टिकोण के विकास में दक्षता हासिल की है। समाचार माध्यमों में काम करने के बाद उन्होंने 23 वर्ष तक संयुक्त राष्ट्र में सूचना और हिमायत के क्षेत्र में पेशेवर कर्मी के रूप में काम किया है। वे दक्षिण एशिया और भारत में युनिसेफ के लिए विदेश संबंधों और विस्तार शिक्षा से जुड़े क्षेत्रीय और राष्ट्रीय कार्यक्रमों की प्रमुख रही हैं। 1980 के दशक में उन्होंने बालिका अधिकारों को नीतियों में प्रमुख स्थान दिलाने में अग्रणी भूमिका निभाई। इस समय वे पीपुल्स एक्शन फॉर चाइल्ड राइट्स एंड इंटरफेथ डायलॉग के लिए काम कर रही हैं, जिसमें गैरसरकारी संगठनों की समीक्षा और न्याय के साथ विकास के बारे में सूचना प्रदान करने का प्रमुख कार्य शामिल है। जनसंख्या और महिलाओं के बारे में संयुक्त राष्ट्र फैलोशिप से सम्मानित रजिया इस्माइल वर्ल्ड प्रैस इंस्टीटयूट की स्थाई फैलो और वर्ल्ड सोशल फोरम इंडिया ट्रस्ट की अध्यक्ष हैं।




स्टॉफ

सुनील बाहरी (कार्यकारी निदेशक)

दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से एमए सुनील बाहरी भारतीय ऑडिट एंड अकाउंट्स सर्विस के सदस्य हैं। उन्हें केन्द्रीय और राज्य दोनों स्तरों पर सार्वजनिक वित्त प्रबंध और ऑडिटिंग का 25 वर्ष का अनुभव है। वे महत्वपूर्ण नियोजन, मानव संसाधन प्रबंध, प्रदर्शन ऑडिट और ई-प्रशासन उपयोगों के मूल्याँकन में विशेष रूप से दक्ष हैं। कार्यकारी निदेशक के रूप में वे आयोग की प्रशासनिक और शोध गतिविधियों का संयोजन करते हैं।


सुश्री मिताक्षरा कुमारी (शोध सहयोगी)

अंतर्राष्ट्रीय संबंध और विकास अध्ययन में एमए पूरा करने के बाद मिताक्षरा ने ब्रसेल्स में यूरोपीय आयोग के विकास महानिदेशक कार्यालय में प्रशिक्षण लिया है। उस दौरान उन्होंने पूर्व अफ्रीकी क्षेत्र के विकासशील देशों खाद्य सुरक्षा, खेती के आधुनिकीकरण और प्रशासन से जुड़े मुद्दों पर काम किया। उन्होंने यूरोपियन इंस्टीटयूट फॉर एशियन स्टडीज के साथ भी काम किया है। ब्रसेल्स स्थित इस शोध संस्थान की पत्रिका बुलेटिन में उन्होंने यूरोपीय संघ और भारत के बीच विकास सहयोग के बदलते स्वरूप पर एक लेख भी प्रकाशित कराया था। राष्ट्रीय ज्ञान आयोग में वे ई-प्रशासन, नेटवर्क्स एवं पोर्टल, साक्षरता और भाषा सहित अनेक क्षेत्रों में काम कर रही हैं।


अमलानज्योति गोस्वामी (शोध सहयोगी)

अमलान ने हॉवर्ड लॉ स्कूल और दिल्ली विश्वविद्यालय से कानून में स्नातक की डिग्री ली हैं। उन्होंने इनलैक्स स्कॉलरशिप के साथ विश्वविद्यालय में स्वर्णपदक भी जीता था। वे भारत और अमरीका में शोध, कानूनी परामर्श, मुकदमेबाजी और कंपनी कानून का अनुभव लेकर राष्ट्रीय ज्ञान आयोग में काम करने आए हैं। राष्ट्रीय ज्ञान आयोग में वे बौध्दिक संपदा अधिकारों, अभिनव प्रयास और उद्यमशीलता तथा भारत में कानून की शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर काम कर रहे हैं।


अदिति सराफ (शोध सहयोगी)

अदिति ने सितंबर 2006 में राष्ट्रीय ज्ञान आयोग में काम शुरू किया। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में एमए किया है। उन्होंने विश्वविद्यालय में स्वर्णपदक जीता। वे दिल्ली विश्वविद्यालय में अतिथि व्याख्यता  के रूप में जेंडर एंड सोसायटी का स्नातक पाठ पढ़ाती रही हैं। राष्ट्रीय ज्ञान आयोग में वे खेती और स्कूल शिक्षा पर काम कर रही हैं।


आशिमा सेठ (कार्यपालन सहायक)

आशिमा ने एयरफोर्स बालभारती स्कूल से पढ़ाई पूरी करने के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री ली है। उन्होंने वाईडब्ल्यूसीए दिल्ली से एग्जीक्युटिव सेक्रेटेरियल प्रैक्टिस कोर्स किया है। वे भारतीय विद्या भवन से फ्रैंच भाषा सीख रही हैं। राष्ट्रीय ज्ञान आयोग में आने से पहले वे एक गैरसरकारी संस्था के स्कूल में सात महीने काम कर चुकी हैं। राष्ट्रीय ज्ञान आयोग में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई तरह के कामों का अनुभव लिया है और आयोग के दैनिक प्रशासन को चलाने में मदद की है।